ज़िंदा लौटेंगे ज़ॉम्बी द्वीप की त्रासदी Return Alive The Tragedy of Zombie Island


ज़िंदा लौटेंगे ज़ॉम्बी द्वीप की त्रासदी Return Alive The Tragedy of Zombie Island

शुरुवात से अंत तक जरूर पढ़ें।


मुख्य पात्र:

  • Aman – भावुक, समझदार, Neelam से गहरा रिश्ता
  • Neelam – साहसी और सहनशील
  • Shivam – दिमाग से तेज़, Mini का रक्षक
  • Mini – निडर, भावनात्मक रूप से Shivam के करीब

✈️ भाग 1 – उड़ान जो ज़मीन तक न पहुँच सकी

चारों दोस्त – Aman, Neelam, Shivam और Mini – ऑस्ट्रेलिया एक एजुकेशन ट्रिप पर जा रहे थे।
सब कुछ ठीक चल रहा था, वे फ्लाइट में मस्ती कर रहे थे — हँसी, बातें, और भविष्य के सपने…

लेकिन तभी, फ्लाइट में जोरदार झटका लगता है।
इमरजेंसी लाइट्स जल जाती हैं।
पायलट की आवाज़ आती है:

“इंजन फेल हो चुका है… कृपया इमरजेंसी प्रोटोकॉल फॉलो करें…”

पैनिक फैल जाता है।
लोग पैराशूट पहनकर कूदने लगते हैं।

Aman Neelam की ओर देखता है:

“तू मेरे साथ है ना?”
Neelam सिर हिलाती है — और वे कूद जाते हैं।

Shivam Mini का हाथ पकड़ता है:

“जो होगा, साथ होगा।”
और वे भी कूद जाते हैं।


🏝️ भाग 2 – गिरावट और जागृति

चारों अलग-अलग गिरते हैं, पर सौभाग्यवश एक ही अज्ञात द्वीप पर।
आँखें खुलती हैं – धूप तेज़ है, लेकिन माहौल अजीब।
चारों एक-दूसरे को ढूंढकर एक जगह इकट्ठे होते हैं।

Mini कहती है –

“हम कहाँ हैं?”
Shivam ध्यान से जंगल की ओर देखता है:
“यहाँ कुछ तो गड़बड़ है…”


🧟‍♂️ भाग 3 – डर की पहली दस्तक

पहली रात, दूर कहीं से अजीब कराहने की आवाज़ आती है।

Aman और Shivam टोर्च लेकर देखते हैं।
और तभी सामने आता है —
एक इंसान, पर उसकी आंखें सफेद, शरीर सड़ चुका।

Zombie.
पहली बार इन दोस्तों ने मौत को अपने सामने चलकर आते देखा।

भागते हैं, झाड़ी में छुपते हैं।
Neelam कहती है –

“ये असली हैं… क्या हम मरने वाले हैं?”
Aman उसका हाथ थामता है –
“जब तक मैं जिंदा हूँ, तू कुछ नहीं होगी।”


🔥 भाग 4 – जंग शुरू

दिन निकलते हैं… और ज़ॉम्बीज़ की संख्या बढ़ती है।

शिवम एक पुराना ढांचा ढूंढता है — शायद कभी रिसर्च बेस था।
उन्हें वहां कुछ खाने का सामान, औज़ार, और एक टूटी नाव मिलती है।

अब लक्ष्य साफ है – ज़िंदा रहना, नाव बनाना, भागना।

Mini और Shivam साथ बैठकर नाव की मरम्मत करने लगते हैं।
Mini धीरे से कहती है –

“शायद अगर ये हादसा नहीं होता, तो मैं तुझसे इतनी बात न कर पाती…”
Shivam मुस्कराता है:
“कभी-कभी मौत से भरे रास्ते ही सही ज़िंदगी दिखाते हैं।”


🌙 भाग 5 – अंतिम रात

रात गहराती है… और ज़ॉम्बीज़ आसपास इकट्ठा हो रहे हैं।
शिवम और Aman खंभों से एक छोटा सुरक्षा घेरा बनाते हैं।
Neelam और Mini पेट्रोल छिड़कती हैं।

वो रात एक महायुद्ध की तरह होती है।

Zombie हमला करते हैं — लेकिन चारों मिलकर लोहा लेते हैं।

Mini पर एक ज़ॉम्बी झपटता है — Shivam बीच में आता है, चोट लगती है।

Aman आग जलाता है — पूरा जंगल जलने लगता है।

सुबह… सन्नाटा।

वे जिंदा हैं। लेकिन थके हुए, टूटे हुए।


🚤 भाग 6 – वापसी का सपना

शिवम की चोट गंभीर है लेकिन Mini उसे सहारा देती है।
चारों नाव को पानी में डालते हैं।
छोटा रेडियो चालू होता है – और एक सिग्नल मिल जाता है।

Aman चिल्लाता है –

“हमें बचा लिया गया है!!”


🏠 भाग 7 – घर वापसी और नई शुरुआत

कई दिन बाद चारों भारत लौटते हैं।
मीडिया सवालों की बौछार करता है।
लोग चकित हैं — कैसे ज़िंदा लौटे ये चार?

Aman और Neelam एक-दूसरे का हाथ थामकर इंटरव्यू में कहते हैं:

“अगर भरोसा ज़िंदा हो, तो इंसान सब कुछ झेल सकता है।”

Mini के जख्म अभी भी हैं — पर Shivam के साथ बैठकर कहती है:

“अब हम ज़िंदगी को हर दिन जीएंगे — पूरी तरह…”


🔚 अंतिम पंक्तियाँ:

“हमने मौत को देखा, जला हुआ जंगल और सड़ती आत्माएँ देखीं…
लेकिन भरोसे की नाव ने हमें ज़िंदा लौटा दिया।”


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